Diseases Search
Close Button
 

बार-बार Acid Reflux हो रहा है? इन घरेलू नुस्खों से पाएं राहत



क्या आपको भी अक्सर गले और सीने में जलन महसूस होती है जिसके कारण आप अपने पसंदीदा खाने या चाय को छोड़ने का सोच रहे हैं? अगर ऐसा है तो रुक जाइए! आपको अपनी खाने की आदतों को त्यागने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि थोड़ी सी समझदारी और कुछ सरल उपायों के साथ, आप इस जलन से राहत पा सकते हैं। एसिड रिफ्लक्स (acid reflux), जिसे अक्सर गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज़ (GERD) भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट का अम्ल आपके खाने की नली में वापस आ जाता है, जिससे जलन और असहजता होती है।
लेकिन चिंता न करें, क्योंकि आज हम आपको एसिड रिफ्लक्स के लिए कुछ आसान और प्राकृतिक घरेलू उपचार बताएंगे जो न सिर्फ आपको तुरंत राहत देंगे, बल्कि आपके जीवन की गुणवत्ता को भी सुधारेंगे। तो, आइए जानें कि आप इस बार-बार होने वाली जलन से कैसे निपट सकते हैं और अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद बिना किसी डर के उठा सकते हैं।

एसिड रिफ्लक्स के कारण क्या हैं? (Causes of Acid Reflux)

कभी सोचा है कि अचानक से यह सीने में जलन क्यों होती है? यह आपकी खान-पान की आदतों और जीवनशैली के चुनावों से जुड़ा हो सकता है। आइए एसिड रिफ्लक्स के कुछ सामान्य कारणों को समझते हैं जो आपको इस परेशानी से बचने के उपाय सोचने में मदद कर सकते हैं

  • खाने की आदतें: बहुत ज़्यादा मिर्च-मसालेदार या तैलीय खाना अक्सर एसिड रिफ्लक्स का कारण बनता है। जब हम फास्ट फूड या बाहर का खाना अधिक खाते हैं, तो हमारा पेट अम्ल (acid) अधिक मात्रा में बनाने लगता है, जो कि ऊपर की ओर उठकर जलन का कारण बनता है
  • जल्दीबाज़ी में खाना: अक्सर हम जल्दीबाज़ी में खाते हैं या ठीक से चबाए बिना खाना निगल जाते हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया पर असर पड़ता है और एसिड रिफ्लक्स हो सकता है।
  • भोजन के तुरंत बाद सोना: अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण की मदद से खाना नीचे नहीं बैठ पाता है और एसिड ऊपर की ओर चला जाता है।
  • अत्यधिक कैफीन या अल्कोहल का सेवन: चाय, कॉफी या शराब का अत्यधिक सेवन भी पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे एसिडिटी की समस्या होती है।
  • तनाव: जी हाँ, आपकी मानसिक स्थिति भी आपके पेट की स्थिति को प्रभावित करती है। अत्यधिक तनाव लेने से भी आपके पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ सकता है, जो रिफ्लक्स का कारण बनता है।
  • धूम्रपान: सिगरेट का धुआं भी पेट के वाल्व को कमजोर कर सकता है, जिससे यह ठीक से बंद नहीं हो पाता और अम्ल ऊपर की ओर चढ़ जाता है।

ये सभी कारण आपको न केवल असहज महसूस करवाते हैं बल्कि आपकी दिनचर्या को भी प्रभावित कर सकते हैं। इन कारणों को समझने और उन्हें नियंत्रित करने से आप एसिड रिफ्लक्स की समस्या से काफी हद तक राहत पा सकते हैं। आगे हम यह भी जानेंगे कि इन समस्याओं से निपटने के लिए कौन-कौन से घरेलू नुस्खे अपनाए जा सकते हैं।

एसिड रिफ्लक्स के घरेलू नुस्खे और उपाय (Home Remedies for Acid Reflux)

अगर आप बार-बार होने वाले एसिड रिफ्लक्स से परेशान हैं और इससे राहत पाने के लिए कुछ सरल और प्राकृतिक उपाय खोज रहे हैं, तो यहाँ कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे दिए गए हैं जो आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

  • नारियल पानी (Coconut Water): नारियल पानी आपके पेट के लिए एक अद्भुत उपचार है। इसमें मौजूद पोटेशियम और मैग्नीशियम एसिड के स्तर को संतुलित करने में मदद करते हैं। यह न सिर्फ आपके पेट को ठंडक पहुँचाता है, बल्कि हाइड्रेशन को बढ़ावा देता है, जो कि एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को कम करने में सहायक होता है। दिन में कम से कम दो बार नारियल पानी पीने से आपको काफी राहत मिल सकती है।
  • ठंडा दूध (Cold Milk): दूध में मौजूद कैल्शियम एसिड को न्यूट्रलाइज़ करने में मदद करता है। एक गिलास ठंडा दूध पीना तुरंत राहत प्रदान कर सकता है क्योंकि यह एसिड के प्रभाव को कम करता है। ध्यान रहे कि दूध कम वसा (fat) वाला होना चाहिए क्योंकि अधिक वसा वाला दूध उल्टा असर भी कर सकता है।
  • नींबू अदरक का रस (Lemon Ginger Juice): अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटोरी (anti-inflammatory) गुण पाचन में सुधार करते हैं और एसिड रिफ्लक्स को कम करते हैं। नींबू और अदरक का रस तैयार करें और इसमें थोड़ा सा पानी मिलाएं। इसे दिन में एक या दो बार पीने से पाचन क्रिया में सुधार होता है और एसिड का प्रभाव कम होता है।
  • एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar): यह विनेगर आपके पेट के pH स्तर को संतुलित कर सकता है। एक चमच एप्पल साइडर विनेगर को एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर पीने से पहले खाना खाने से आपके पाचन को सहायता मिलती है और एसिड रिफ्लक्स भी नियंत्रित होता है।
  • प्रोबायोटिक्स (Probiotics): प्रोबायोटिक्स जैसे कि दही आपके आंत के फ्लोरा को संतुलित करने में मदद करते हैं, जिससे पाचन सुधरता है और एसिड रिफ्लक्स की समस्या कम होती है। रोजाना प्रोबायोटिक्स का सेवन करने से न केवल एसिडिटी में राहत मिलती है बल्कि आपके पाचन तंत्र की समग्र सेहत में भी सुधार होता है।
  • सौंफ का पानी (Fennel Water): सौंफ को उबालकर उसका पानी पीने से पाचन में सुधार होता है और यह पेट की जलन और गैस को कम करने में मदद करता है। रोज़ सुबह सौंफ का पानी पीने से आपको दिन भर में जलन कम महसूस होगी।
  • तुलसी के पत्ते (Basil Leaves): तुलसी के पत्ते पाचन को सुधारने और एसिड की अधिकता को कम करने में मदद करते हैं। जब भी आपको सीने में जलन महसूस हो, तुलसी के कुछ ताज़ा पत्तों को चबाएं। या फिर आप उन्हें पानी में उबालकर इस तुलसी की चाय को पी सकते हैं।
  • दालचीनी (Cinnamon): दालचीनी न केवल खाने को स्वादिष्ट बनाती है बल्कि यह पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाती है और एसिडिटी को रोकने में मदद करती है। एक चमच दालचीनी पाउडर को एक कप पानी में उबालें, थोड़ी देर इसे ठंडा करें और फिर इसे पीएं।
  • छाछ (Buttermilk): छाछ, खासकर जब इसमें थोड़ा काला नमक और जीरा पाउडर मिला हो, तो यह एसिड रिफ्लक्स के लिए एक उत्तम उपचार हो सकता है। छाछ पीने से पेट को ठंडक मिलती है और एसिडिटी से राहत मिलती है।
  • आलू का रस (Potato Juice): आलू के रस में एसिड को न्यूट्रलाइज़ करने की शक्ति होती है। आलू को पीसकर उसका रस निकालें और इसे थोड़े पानी के साथ मिलाकर पीएं। यह नुस्खा विशेष रूप से तब कारगर होता है जब आपको भोजन के तुरंत बाद जलन महसूस होती है।

इन सभी नुस्खों को आज़माकर आप न सिर्फ एसिड रिफ्लक्स से राहत पा सकते हैं, बल्कि अपनी पाचन प्रणाली को भी स्वस्थ बना सकते हैं

एसिड रिफ्लक्स को रोकने के लिए आहार संबंधी टिप्स और जीवनशैली में बदलाव (Dietary Tips and Lifestyle Changes to Prevent Acid Reflux)

एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए आपका खान-पान और जीवनशैली कितनी महत्वपूर्ण हो सकती हैं, इसका अंदाजा शायद आपको न हो। निम्नलिखित टिप्स से आप न केवल एसिड रिफ्लक्स को रोक सकते हैं बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली भी अपना सकते हैं।

क्या खाएं और क्या न खाएं (What to Eat and What to Avoid):

  • खाएं: ताज़े फल, सब्जियाँ, ओट्स, अदरक, दही और अन्य फाइबर युक्त आहार जो पाचन में मदद करते हैं।
  • न खाएं: तली हुई चीजें, मसालेदार भोजन, सिट्रस फल (जैसे कि संतरा और नींबू), चॉकलेट, कैफीन, प्याज़, और टमाटर जो एसिडिटी बढ़ा सकते हैं।

भोजन के समय का महत्व (Mind your Meal Timing): भोजन करने के बाद कम से कम दो से तीन घंटे तक सीधे न लेटें। खाना खाने के बाद थोड़ी देर टहलना चाहिए ताकि भोजन आसानी से पच सके।

भोजन की मात्रा और आवृत्ति (Portion and Frequency of Meals): बड़े भोजन के बजाय छोटे-छोटे भोजन करें और दिन में कई बार खाएं। इससे पेट पर दबाव कम पड़ता है और एसिड कम बनता है।

व्यायाम की भूमिका (Regular Exercise): नियमित व्यायाम न केवल आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि पाचन प्रक्रिया को भी सुधारता है। हल्की व्यायाम जैसे चलना या योग विशेष रूप से उपयोगी हैं।

धूम्रपान और शराब से बचें (Avoid Smoking and Alcohol Consumption): धूम्रपान और अत्यधिक अल्कोहल सेवन से पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ता है और पेट के वाल्व को कमजोर कर सकता है, जिससे रिफ्लक्स की संभावना बढ़ जाती है।

तनाव प्रबंधन (Stress Management): तनाव को प्रबंधित करना एसिड रिफ्लक्स को कम करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। ध्यान, गहरी साँस लेने की तकनीकें, और अन्य आराम तकनीकें अपनाने से आपका शरीर और मन दोनों शांत हो सकते हैं।

इन सरल बदलावों को अपनाकर आप एसिड रिफ्लक्स के प्रभाव को कम कर सकते हैं। अपनी दिनचर्या में इन बदलावों को शामिल करके देखें और फर्क महसूस करें!

अंतिम विचार (Final Thoughts)

अब जब आप एसिड रिफ्लक्स के कारणों, उसके घरेलू नुस्खों, और जीवनशैली में ज़रूरी बदलावों से परिचित हो चुके हैं, तो यह समय है कि आप इन उपायों को अपनी जिंदगी में उतारें और एसिड रिफ्लक्स की समस्या से मुक्ति पाएं। हर दिन थोड़ा समय निकालकर अपने खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देना, आपको न केवल एसिडिटी से बचाएगा बल्कि आपकी समग्र सेहत को भी बेहतर बनाएगा।
आपकी छोटी-छोटी दैनिक आदतें ही आपके बड़े स्वास्थ्य लाभ तय करती हैं। इसलिए, इन सरल, स्वास्थ्यवर्धक उपायों को अपनाएं और एक स्वस्थ जीवन चुनें।

To Know more , talk to a Jiva doctor. Dial 0129-4264323 or click on Our Doctors.

SHARE:

TAGS:

Our Happy Patients

  • Sunita Malik - Knee Pain
  • Abhishek Mal - Diabetes
  • Vidit Aggarwal - Psoriasis
  • Shanti - Sleeping Disorder
  • Ranjana - Arthritis
  • Jyoti - Migraine
  • Renu Lamba - Diabetes
  • Kamla Singh - Bulging Disc
  • Rajesh Kumar - Psoriasis
  • Dhruv Dutta - Diabetes
  • Atharva - Respiratory Disease
  • Amey - Skin Problem
  • Asha - Joint Problem
  • Sanjeeta - Joint Pain
  • A B Mukherjee - Acidity
  • Deepak Sharma - Lower Back Pain
  • Vyjayanti - Pcod
  • Sunil Singh - Thyroid
  • Sarla Gupta - Post Surgery Challenges
  • Syed Masood Ahmed - Osteoarthritis & Bp

Top Ayurveda Doctors

Social Timeline


Book Free Consultation Call Us