क्या डेंगू से शरीर में कमज़ोरी महसूस हो रही है? ये घरेलू नुस्ख़े देंगे आपको ताकत

अगर आपको डेंगू हुआ है और ठीक होने के बाद भी शरीर में कमज़ोरी बनी हुई है, तो यह बिल्कुल नॉर्मल है। डेंगू एक वायरल इंफेक्शन है, जो आपके इम्यून सिस्टम को कमज़ोर कर देता है और शरीर के ज़रूरी पोषक तत्वों को कम कर सकता है। डेंगू के दौरान प्लेटलेट काउंट गिर जाता है, जिससे शरीर में थकान, कमज़ोरी और सुस्ती महसूस होती है।
डेंगू के इलाज के बाद भी आपका शरीर पूरी तरह से रिकवर होने में समय लेता है। अगर सही आहार (डाइट), पानी का सेवन (हाइड्रेशन) और जीवनशैली (लाइफस्टाइल) का पालन किया जाए, तो रिकवरी तेज़ हो सकती है। इसके लिए कुछ घरेलू नुस्ख़े बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
डेंगू के बाद होने वाली कमज़ोरी के कारण
डेंगू से उबरने के बाद शरीर में कमज़ोरी महसूस होने के पीछे कई कारण होते हैं:
प्लेटलेट काउंट में गिरावट – डेंगू में प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं, जिससे शरीर में एनर्जी लेवल घट जाता है।
पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) – बुखार के दौरान शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे थकान बनी रहती है।
पाचन तंत्र पर असर – डेंगू के दौरान पेट संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं, जिससे शरीर को पोषक तत्व ठीक से नहीं मिल पाते।
मांसपेशियों में दर्द – डेंगू के वायरस से शरीर में सूजन आ सकती है, जिससे जोड़ों और मांसपेशियों में कमज़ोरी महसूस होती है।
इम्यून सिस्टम की कमज़ोरी – डेंगू इम्यून सिस्टम पर असर डालता है, जिससे रिकवरी स्लो हो जाती है।
आयुर्वेदिक नज़रिये से डेंगू के बाद की कमज़ोरी
आयुर्वेद के अनुसार, डेंगू को जीवाणु जनित बुखार के रूप में देखा जाता है, जो शरीर में पित्त और वात दोष को असंतुलित कर देता है। पित्त दोष बढ़ने से शरीर में बुखार, प्लेटलेट्स की कमी और आंतरिक जलन होती है, जबकि वात दोष की वृद्धि से शरीर में थकान, कमज़ोरी और हड्डियों में दर्द महसूस होता है।
डेंगू के बाद शरीर की ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने और वात-पित्त दोष को संतुलित करने के लिए आयुर्वेद में कुछ विशेष औषधियाँ और जड़ी-बूटियाँ बताई गई हैं:
- अश्वगंधा – यह शरीर की ताकत बढ़ाने, इम्यूनिटी को सुधारने और कमज़ोरी को दूर करने में मदद करता है।
- गिलोय – यह रक्त को शुद्ध करता है और पाचन शक्ति को बढ़ाकर शरीर को जल्दी ठीक करने में सहायक है।
- आंवला – इसमें विटामिन C प्रचुर मात्रा में होता है, जो प्लेटलेट्स को बढ़ाने और इम्यून सिस्टम को मज़बूत करने में मदद करता है।
- शतावरी – यह शरीर को पोषण प्रदान करता है और थकान को दूर करता है।
- त्रिफला चूर्ण – यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और पाचन तंत्र को मज़बूत करता है।
डेंगू के बाद कमज़ोरी दूर करने के लिए घरेलू नुस्ख़े
अगर आप डेंगू के बाद कमज़ोरी महसूस कर रहे हैं, तो कुछ घरेलू उपाय आपकी रिकवरी को तेज़ कर सकते हैं। ये नुस्ख़े आपके शरीर को फिर से ताकतवर बनाने और खोई हुई शारीरक शक्ति वापस लाने में मदद करेंगे।
पपीते के पत्तों का जूस पिएँ:
पपीते के पत्तों का जूस प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो शरीर को मज़बूत बनाते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। कैसे इस्तेमाल करें?
- 2-3 पपीते के पत्तों को पीसकर रस निकालें।
- इसमें थोड़ा सा शहद मिलाएँ और रोज़ 2 बार पिएँ।
गिलोय का काढ़ा पिएँ
गिलोय एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो वात और पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करती है और डेंगू के बाद शरीर को जल्दी रिकवर करती है। कैसे इस्तेमाल करें?
- 1 गिलास पानी में गिलोय की स्टिक उबालें।
- इसे छानकर हल्का गर्म पीएँ।
- इसे दिन में 1-2 बार पी सकते हैं।
आंवला और शहद का सेवन करें
आंवला इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को फिर से ऊर्जावान बनाने में मदद करता है। कैसे इस्तेमाल करें?
- 1 चम्मच आंवला जूस में शहद मिलाकर रोज़ सुबह पिएँ।
- 4. तुलसी और हल्दी वाला दूध पिएँ
तुलसी और हल्दी दोनों ही शरीर को संक्रमण से बचाते हैं और कमज़ोरी को दूर करते हैं। कैसे इस्तेमाल करें?
- 1 गिलास गुनगुने दूध में 5 तुलसी के पत्ते और आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएँ।
- 5. अश्वगंधा और शतावरी का सेवन करें
ये दोनों आयुर्वेदिक औषधियाँ शरीर की ताकत बढ़ाने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती हैं। कैसे इस्तेमाल करें?
- 1 चम्मच अश्वगंधा या शतावरी पाउडर को दूध में मिलाकर रोज़ पिएँ।
आराम और लाइफस्टाइल टिप्स
डेंगू से रिकवरी के लिए सही खान-पान के साथ रोज़मर्रा की आदतें भी सुधारनी पड़ेंगी।
पर्याप्त आराम करें – शरीर को पूरा समय दें और अधिक मेहनत करने से बचें। कमज़ोरी को जल्दी दूर करने के लिए दिन में 7-9 घंटे की नींद लेना बहुत ज़रूरी है। कोशिश करें कि नींद का शेड्यूल नियमित हो, ताकि शरीर को बेहतर रिकवरी का समय मिल सके।
खूब पानी पिएँ – शरीर को हाइड्रेट रखें, ताकि कमज़ोरी जल्दी दूर हो। साथ ही, नारियल पानी, नींबू पानी और सूप का सेवन भी करें, जिससे इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस बना रहे। पानी पीने से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है।
हल्का योग और स्ट्रेचिंग करें – धीरे-धीरे योग शुरू करें, जिससे शरीर की जकड़न कम होगी और एनर्जी वापस आएगी। योग के अलावा, गहरी सांस लेने की तकनीक (प्राणायाम) करने से ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है, जिससे शरीर को ताकत मिलती है।
हल्का भोजन करें – भारी और तली-भुनी चीज़ों से परहेज़ करें। शरीर को एनर्जी देने के लिए दलिया, खिचड़ी, सूप और ताजे फल खाएँ।
कैफीन और जंक फूड से बचें – ज्यादा तली-भुनी चीज़ें और कैफीन से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी कर सकते हैं और रिकवरी को धीमा कर सकते हैं।
कब जाएँ डॉक्टर के पास?
अगर डेंगू के बाद कमज़ोरी हफ़्तों तक बनी रहती है और आपको ये लक्षण दिखते हैं, तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें:
- लगातार तेज़ थकान और सिर दर्द। अगर कमज़ोरी इतनी ज्यादा हो कि आप रोज़मर्रा के काम भी नहीं कर पा रहे हैं, तो डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।
- भूख कम लगना और वज़न कम होना। अगर आपको लगातार वज़न कम हो रहा है और शरीर में पोषण की कमी महसूस हो रही है, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है।
- शरीर में पीलापन या चक्कर आना। अगर ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं हो रहा और ऑक्सीजन की कमी महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
- लगातार तेज़ दिल की धड़कन महसूस होना। यह कमज़ोरी और शरीर में पानी की कमी के कारण हो सकता है, जो गंभीर स्थिति में बदल सकता है।
- अगर प्लेटलेट काउंट बहुत ज्यादा कम हो जाए और शरीर में लाल चकत्ते (रैश) दिखें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
आयुर्वेद के अनुसार, डेंगू से उबरने के लिए वात और पित्त दोष को संतुलित करना ज़रूरी है। गिलोय, अश्वगंधा, आंवला और तुलसी जैसी जड़ी-बूटियाँ शरीर को फिर से मज़बूत बनाने में मदद करती हैं। डेंगू के बाद कमज़ोरी दूर करने के लिए सही डाइट, हाइड्रेशन और आराम बेहद ज़रूरी है।
डेंगू के बाद की रिकवरी में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ आपकी मदद कर सकती हैं, लेकिन अगर कमज़ोरी लंबे समय तक बनी रहती है और सामान्य घरेलू नुस्खों से सुधार नहीं हो रहा, तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। शरीर को पूरी तरह ठीक होने में कुछ समय लगता है, इसलिए धैर्य रखें और संतुलित आहार के साथ खुद का ध्यान रखें।